
नई दिल्ली
भारत और ब्रिटेन के साझा सैन्य इतिहास को सम्मान देने के उद्देश्य से ब्रिटिश आर्मी का एक प्रतिनिधिमंडल इस नवंबर में भारत का दौरा करेगा। यह दौरा आधिकारिक रक्षा सहयोग कार्यक्रम के तहत हो रहा है, जिसमें विश्व युद्धों सहित ऐतिहासिक सारागढ़ी की लड़ाई में भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सारागढ़ी का युद्ध दुनिया की सबसे वीरतापूर्ण सैन्य गाथाओं में से एक माना जाता है।
प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव्स कमीशन स्थल पर एक स्मृति परेड में भाग लेगा और देशभर के कई ऐतिहासिक सैन्य और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेगा।
इस टीम का नेतृत्व भारतीय मूल के ब्रिटिश आर्मी सर्जन मेजर मुनिश चौहान करेंगे, जो पंजाब से संबंध रखते हैं और वर्तमान में ब्रिटिश सेना में सेवाएं देने वाले एकमात्र भारतीय मूल के मेडिकल ऑफिसर हैं। मेजर चौहान ने कहा कि भारत के सैनिकों के योगदान को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है और यह दौरा भारत-यूके के रक्षा एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
अपने दौरे के दौरान ब्रिटिश आर्मी दल स्कूलों और समुदायों के साथ भी संवाद करेगा, ताकि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और ऐतिहासिक जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान भारतीय मूल के विक्टोरिया क्रॉस विजेताओं को भी विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी।
ब्रिटिश सेना ने कहा कि भारतीय सैनिकों का साहस, सेवा और बलिदान दोनों देशों को साझा सैन्य विरासत और सम्मान की डोर से जोड़ता है।
