
मोहाली
पंजाब विजिलेंस विभाग द्वारा रियल एस्टेट कारोबारी रणजीत सिंह गिल पर संभावित छापेमारी को लेकर आज मोहाली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला इकाई ने जिला उपायुक्त (डीसी) मोहाली को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शन किया।
भाजपा मोहाली जिला अध्यक्ष संजीव वशिष्ठ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में विजिलेंस विभाग की प्रस्तावित कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि रणजीत सिंह गिल ने मात्र एक दिन पहले, 1 अगस्त को भाजपा की सदस्यता ली थी।
मीडिया से बातचीत में भाजपा नेताओं ने कहा कि रणजीत सिंह गिल एक निजी नागरिक हैं, उन्होंने न तो कभी कोई सरकारी पद संभाला है और न ही वे कभी विधायक रहे हैं। ऐसे में उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई करना पूरी तरह अनुचित है।
भाजपा जिला अध्यक्ष वशिष्ठ ने कहा, “यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है। छापेमारी का समय यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार भाजपा से जुड़े लोगों को निशाना बनाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। गिल के पार्टी में शामिल होने से कुछ लोगों की बेचैनी साफ नजर आ रही है।“
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब विजिलेंस विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित छापेमारी को तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने विभाग पर कानून और प्रक्रिया के विपरीत, दबाव बनाने और डराने-धमकाने के हथकंडों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करती है।
ज्ञापन में डीसी से मांग की गई कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और बिना वैध कानूनी आधार के की जा रही किसी भी संभावित छापेमारी को रोका जाए, ताकि नागरिकों के अधिकारों का हनन न हो।
इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि वे प्रशासनिक मशीनरी के राजनीतिक दुरुपयोग को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखेंगे।