
चंडीगढ़:
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा लगातार पीएसपीसीएल को लाभ में चलने वाली संस्था बताने के बावजूद बिजली निगम ने हाल ही में 10,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है।
फेसबुक पर साझा एक पोस्ट में रंधावा ने सवाल किया कि यदि पीएसपीसीएल की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत है, तो पंजाब सरकार ने कथित तौर पर उसके कर्ज के लिए गारंटी देने से इनकार क्यों किया? उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार के दावों और बिजली निगम की वास्तविक आर्थिक स्थिति के बीच अंतर को उजागर करता है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि बिजली सब्सिडी का भुगतान समय पर न होने, बिजली खरीद की बढ़ती लागत, बढ़ती देनदारियों और नए कर्ज के कारण पीएसपीसीएल पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि इस कर्ज पर लगने वाले ब्याज का बोझ अंततः पंजाब के करदाताओं और बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को संबोधित करते हुए रंधावा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का वादा किया था, लेकिन अब राज्य बढ़ते कर्ज और वित्तीय संकट की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि पीएसपीसीएल की आर्थिक स्थिति वास्तव में मजबूत है, तो उसके कर्ज की गारंटी देने से इनकार क्यों किया गया। रंधावा ने कहा कि पंजाब की जनता को राज्य की वित्तीय स्थिति और सार्वजनिक धन के उपयोग का स्पष्ट हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से पीएसपीसीएल की वित्तीय स्थिति से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।