मोहाली बस स्टैंड के पास क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर GMADA की अहम बैठक, 2 सितंबर को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई
पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने उठाया सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा

मोहाली:
फेज-6 स्थित इंटरस्टेट बस टर्मिनस-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के साथ लगती लंबे समय से बदहाल सड़क के मुद्दे को लेकर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने मंगलवार को अहम बैठक की। बैठक GMADA के मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि की अध्यक्षता में PUDA भवन, सेक्टर-62, SAS नगर में आयोजित की गई।
यह बैठक पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बुलाई गई थी। GMADA की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार बैठक में नगर निगम, GMADA के कानूनी सलाहकार, बस स्टैंड परियोजना से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इस मामले को हाईकोर्ट में उठाने वाले पूर्व मोहाली डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी को भी आमंत्रित किया गया था।
बेदी के अनुसार, बैठक के दौरान GMADA के मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि ने संबंधित अधिकारियों को सड़क की समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान तैयार करने के निर्देश दिए।
बेदी ने बताया कि मुख्य प्रशासक ने स्पष्ट किया कि मामला अब केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका ठोस समाधान तैयार कर जमीन पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति सीधे तौर पर यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा से जुड़ी है और इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
2 सितंबर को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई
कुलजीत सिंह बेदी ने बताया कि उन्होंने सड़क की खराब हालत को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था और इसके बाद GMADA की ओर से लगातार बैठकें की जा रही हैं।
इस मामले में अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 को निर्धारित है। बेदी के अनुसार, प्रशासन को अब तक की कार्रवाई और समस्या के समाधान के लिए तैयार की जा रही योजना को अदालत के समक्ष रखना होगा।
उन्होंने बताया कि GMADA के मुख्य प्रशासक ने 2 सितंबर से पहले एक और बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। हालांकि अगली बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
वर्षों से बनी हुई है सड़क की समस्या
बस स्टैंड के साथ लगती सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा नया नहीं है। मई 2023 में भी कुलजीत सिंह बेदी ने इस सड़क की खराब हालत का मुद्दा उठाया था। उस समय करीब 30 फुट चौड़ी सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त बताया गया था और लगभग 20 फुट हिस्से के प्रभावित होने के कारण यात्रियों व वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया था।
मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद GMADA ने सभी संबंधित विभागों और पक्षों को साथ लेकर समाधान तलाशने की प्रक्रिया शुरू की। वर्ष 2025 में हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद GMADA ने मोहाली नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा बस स्टैंड परियोजना से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी चर्चा के लिए बुलाया था।
सड़क की कम होती चौड़ाई और इसका यातायात पर पड़ने वाला असर इस मामले में प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है।
“काम किसी अच्छी कंपनी को दें, लेकिन काम जमीन पर होना चाहिए”
मंगलवार की बैठक के दौरान कुलजीत सिंह बेदी ने सुझाव दिया कि सड़क की मरम्मत और आवश्यक इंजीनियरिंग कार्य किसी अनुभवी एवं तकनीकी रूप से सक्षम कंपनी को सौंपे जा सकते हैं, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि काम वास्तव में जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
बेदी ने आशंका जताई कि यदि और देरी हुई तो सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने बताया कि सड़क का एक हिस्सा पहले ही धंस चुका है और बस स्टैंड द्वारा प्रभावित हिस्से के इस्तेमाल को लेकर भी समस्याएं सामने आई हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क का दूसरा हिस्सा या इसके साथ लगी संरचना भी प्रभावित हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
यह सड़क मोहाली को प्रमुख हाईवे नेटवर्क तथा आगे हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। सड़क की खराब हालत के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और यदि क्षति बढ़ती है तो सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
बेदी ने कहा कि यदि 2 सितंबर से पहले ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वह अपने वकील के माध्यम से अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण हाईकोर्ट के समक्ष रखेंगे।
हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि GMADA अगली बैठक में ठोस एक्शन प्लान लेकर आएगा और वर्षों से लंबित यह मुद्दा केवल सरकारी बैठकों और चर्चाओं तक सीमित न रहकर अब वास्तविक रूप से जमीन पर काम में बदलेगा।