
मोहाली :
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को मोहाली स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑटिज्म एंड न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (COEANDD) का दौरा किया। यह केंद्र डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा संचालित किया जा रहा है।
दौरे के दौरान मंत्री ने केंद्र की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD), एडीएचडी, लर्निंग डिसऑर्डर, बौद्धिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी तथा अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं से पीड़ित बच्चों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की।
अधिकारियों ने मंत्री को केंद्र की मल्टी-डिसिप्लिनरी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी, जिसमें डेवलपमेंटल असेसमेंट, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, अभिभावक काउंसलिंग, अर्ली इंटरवेंशन और स्कूल-रेडीनेस कार्यक्रम शामिल हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने उपचार प्राप्त कर रहे बच्चों के अभिभावकों से भी बातचीत की। अभिभावकों ने केंद्र के बाल-हितैषी वातावरण और समर्पित सेवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र में इसी प्रकार के उपचार पर प्रति माह लगभग ₹30,000 से ₹50,000 तक खर्च आता है, जबकि यह केंद्र विशेषज्ञ सेवाएं नि:शुल्क प्रदान कर रहा है, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्यभर में अर्ली इंटरवेंशन, दिव्यांग देखभाल और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर एआईएमएस के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन डॉ. भगवंत सिंह और डायरेक्टर-प्रिंसिपल डॉ. नवदीप सिंह सैनी भी मौजूद रहे। उन्होंने मंत्री को केंद्र की वर्तमान पहलों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
केंद्र की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री का समर्थन और प्रोत्साहन देने के लिए धन्यवाद किया तथा पंजाब में ऑटिज्म और न्यूरोडेवलपमेंटल देखभाल के लिए इस संस्थान को मॉडल सेंटर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

