नगर निगम में शामिल मोहाली के नए क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का संकट, कुलजीत सिंह बेदी ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग
नगर निगम में शामिल मोहाली के नए क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का संकट, कुलजीत सिंह बेदी ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

मोहाली:
नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने पंजाब सरकार से मांग की है कि हाल ही में नगर निगम मोहाली में शामिल किए गए गांवों का प्रशासनिक नियंत्रण तुरंत नगर निगम को सौंपा जाए तथा विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए। उन्होंने कहा कि हजारों निवासी आज भी बुनियादी नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं।
नगर निगम आयुक्त को लिखे पत्र, जिसकी प्रतियां पंजाब स्थानीय निकाय विभाग के सचिव और जीएमएडीए (GMADA) के मुख्य प्रशासक को भी भेजी गई हैं, में बेदी ने कहा कि गांवों के नगर निगम में विलय के बाद पंचायतें तो भंग कर दी गईं, लेकिन प्रशासनिक हस्तांतरण की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
उन्होंने बताया कि बलौंगी, बलोमाजरा, बलियाली, छप्पड़ चिड़ी खुर्द, छप्पड़ चिड़ी कलां, लखनौर, सुखगढ़, संभालकी, नानू माजरा, रुद्राकां, चिल्ला सहित आईटी सिटी (सेक्टर-82), टीडीआई और एयरोसिटी के निवासी सफाई, सीवरेज रखरखाव, कूड़ा उठान और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
बेदी ने कहा कि मानसून के चलते स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पंचायतों के भंग होने के बाद लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि उनकी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी किस विभाग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के पास न तो पर्याप्त धनराशि है और न ही आवश्यक प्रशासनिक अधिकार, जिसके कारण जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्याओं का समाधान कराने में असमर्थ हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने नए शामिल क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने और जीएमएडीए तथा नगर निगम के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में निराशा बढ़ रही है और वे प्रशासनिक असमंजस का शिकार हैं।
बेदी ने मांग की कि सभी नए शामिल गांवों का तत्काल औपचारिक रूप से नगर निगम को हस्तांतरण किया जाए, विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए तथा सफाई व्यवस्था, सीवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं तुरंत बहाल की जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जीएमएडीए और नगर निगम के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया जाए ताकि जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग और वित्तीय संसाधन मिल सकें।
बेदी ने कहा कि मोहाली पंजाब के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों