मेयर की डेडलाइन खत्म, जमीनी हकीकत कुछ और: मोहाली में अधिकांश रोड गलियां अब भी जाम
मेयर की डेडलाइन खत्म, जमीनी हकीकत कुछ और: मोहाली में अधिकांश रोड गलियां अब भी जाम

मोहाली :
नगर निगम मोहाली द्वारा मानसून को देखते हुए विशेष सफाई अभियान चलाने और मेयर सरबजीत सिंह द्वारा 30 जून 2026 तक शहर की सभी रोड गलियों (स्टॉर्म वॉटर इनलेट्स) की सफाई पूरी करने का दावा किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
द अमन संदेश टाइम्स द्वारा शहर के विभिन्न फेज़ों और सेक्टरों में किए गए सर्वे में पाया गया कि बड़ी संख्या में रोड गलियां अब भी सूखे पत्तों, मिट्टी, निर्माण मलबे और अन्य कचरे से भरी हुई हैं। कई स्थानों पर गलियों के मुंह पूरी तरह बंद मिले, जिससे बारिश का पानी ड्रेनेज सिस्टम में नहीं जा सकेगा।
हालांकि नगर निगम की ओर से सफाई कार्य पूरा होने का दावा किया गया है, लेकिन शहर के कई इलाकों में निरीक्षण के दौरान रोड गलियों पर जमा मलबा और कचरा साफ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इनकी दोबारा सफाई नहीं की गई तो सामान्य बारिश में भी जलभराव, यातायात बाधित होने और सड़कों को नुकसान पहुंचने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
सर्वे के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगह सफाई के दौरान निकाले गए सूखे पत्ते और कचरे को गलियों के ऊपर या आसपास ही छोड़ दिया गया है। बारिश होने पर यही कचरा दोबारा नालियों में बहकर उन्हें जाम कर सकता है, जिससे पूरे सफाई अभियान का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने सफाई अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में सभी रोड गलियों की सफाई पूरी हो चुकी होती, तो शहरभर में इतनी बड़ी संख्या में बंद गलियां दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने नगर निगम से वार्ड स्तर पर दोबारा निरीक्षण कराकर सफाई कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
फेज-2, मोहाली के निवासी एवं भाजपा नेता अतुल शर्मा ने कहा, “सिर्फ घोषणाएं और डेडलाइन तय करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। असली परीक्षा जमीनी स्तर पर दिखाई देती है। दुर्भाग्य से मोहाली की कई रोड गलियां तय समय सीमा के बाद भी जाम हैं। यदि तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो मानसून में लोगों को फिर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। नगर निगम को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक रोड गली की पूरी तरह सफाई हो और सफाई के बाद उसके ऊपर या आसपास सूखे पत्ते या मलबा न छोड़ा जाए।”
निवासियों ने सफाई अभियान की स्वतंत्र जांच, कार्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने तथा पूरे मानसून के दौरान नियमित निरीक्षण की मांग की है। साथ ही उन्होंने नगर निगम से यह भी सुनिश्चित करने की अपील की कि सफाई कर्मचारी या अन्य लोग रोड गलियों और मैनहोल के आसपास पत्ते, मिट्टी या कचरा न डालें, क्योंकि इससे ड्रेनेज सिस्टम दोबारा जाम हो जाता है।
मानसून की शुरुआत के साथ ही शहरवासियों ने नगर निगम मोहाली से अपील की है कि केवल कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।