भारत ने जी-20 आपदा जोखिम न्यूनीकरण मंत्रिस्तरीय घोषणा को अपनाया, डॉ. पी.के. मिश्रा ने किया भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व

नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित जी-20 आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। बैठक में “सभी के लिए अनुकूलता: एकजुटता, समानता और स्थिरता के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण को सुदृढ़ बनाना” विषय पर मंत्रिस्तरीय घोषणा को अपनाया गया।
अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा ने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण कोई लागत नहीं बल्कि साझा भविष्य में निवेश है। उन्होंने बहु-खतरे की पूर्व चेतावनी प्रणालियों को सशक्त करने, पूर्वानुमानित वित्तपोषण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
डॉ. मिश्रा ने आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) के माध्यम से भारत के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि गठबंधन ने अब तक 50 देशों को तकनीकी सहायता प्रदान की है।
उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता की सराहना करते हुए कहा कि इस बैठक ने साझेदारी की भावना को सशक्त किया और अफ्रीका के दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर प्रमुखता दी।
डॉ. मिश्रा ने डीआरआर में निवेश को लेकर भारत के एकीकृत दृष्टिकोण की भी चर्चा की, जिसमें जोखिम सूचना, वित्तीय रणनीति, नवाचार और स्थानीय निवेश को महत्व दिया गया है।
कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने कहा कि भारत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घोषणापत्र की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
