कुंभड़ा में गरीब परिवारों को 12 हजार से 50 हजार रुपये तक के बिजली बिल मिलने का दावा, जीती सिद्धू ने उठाए सवाल
कुंभड़ा में गरीब परिवारों को 12 हजार से 50 हजार रुपये तक के बिजली बिल मिलने का दावा, जीती सिद्धू ने उठाए सवाल

मोहाली :
पूर्व मेयर अमरजीत सिंह उर्फ जीती सिद्धू ने बुधवार को कुंभड़ा गांव में गरीब परिवारों को कथित तौर पर भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जाने का मुद्दा उठाते हुए पंजाब सरकार के मुफ्त बिजली और बिल माफी के दावों पर सवाल खड़े किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीती सिद्धू ने कुछ परिवारों के बिजली बिल दिखाते हुए दावा किया कि इन बिलों में 12 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की राशि बकाया दर्शाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों में कई विधवा महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके लिए इतनी बड़ी रकम का भुगतान करना बेहद मुश्किल है।
जीती सिद्धू ने एक महिला का मामला सामने रखते हुए दावा किया कि उसने 50 हजार रुपये का बैंक लोन लेकर अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि महिला ने 18-18 हजार रुपये की दो किस्तें जमा करवाईं, इसके बावजूद उसके बिल में करीब 16 हजार रुपये की राशि अभी भी बकाया दिखाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लोगों के बिजली बिल माफ करने का दावा करती है, लेकिन कुंभड़ा से सामने आ रहे मामलों में तस्वीर अलग नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों के बिजली बिल पत्रकारों के सामने रखे गए हैं और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन गरीब परिवारों को राहत कब मिलेगी।
जीती सिद्धू ने दावा किया कि कई प्रभावित परिवार बेहद छोटे कमरों में रहते हैं और उनका बिजली का इस्तेमाल भी सीमित है। उन्होंने कहा कि कुछ घरों में केवल एक पंखा, एक बल्ब और एक टेबल फैन होने के बावजूद हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे गए हैं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो इन परिवारों के बिजली बिलों की जांच करवाई जाएगी और उनके अनुसार बकाया बिल माफ किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं, उनके मीटर दोबारा लगाए जाएंगे।
इस दौरान बलविंदर सिंह कुंभड़ा के साथ करीब 8 से 10 प्रभावित परिवारों की महिलाएं भी मौजूद रहीं। महिलाओं ने अपने बिजली बिल दिखाते हुए अपनी परेशानियां साझा कीं और बिलों में दर्ज भारी रकम को लेकर चिंता जताई।
नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
जीती सिद्धू ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है और अब युवकों के साथ-साथ युवतियों के भी नशे की चपेट में आने के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा सरकार को एक और कार्यकाल मिलता है तो वर्ष 2032 तक पंजाब की युवा पीढ़ी को लेकर स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने लोगों से सरकार बदलने और कांग्रेस को मौका देने की अपील करते हुए कहा कि उनके अनुसार कांग्रेस पंजाब की समस्याओं, जनकल्याण और नशे के मुद्दे पर काम कर सकती है।