पेड़ों की बढ़ी शाखाओं में छिपे दिशा सूचक बोर्ड, राहगीरों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
पेड़ों की बढ़ी शाखाओं में छिपे दिशा सूचक बोर्ड, राहगीरों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
मोहाली :
शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क किनारे लगे दिशा सूचक (डायरेक्शन) और यातायात मार्गदर्शक बोर्ड अनियंत्रित रूप से बढ़े पेड़ों की शाखाओं के पीछे लगभग पूरी तरह छिप गए हैं। इससे वाहन चालकों को रास्ता पहचानने में कठिनाई हो रही है और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। नियमित रखरखाव के दावों के बावजूद कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर आवश्यक यातायात संकेतकों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है।
हाल ही में किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड घनी पेड़-पौधों की शाखाओं से ढक गए हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते सही दिशा की जानकारी नहीं मिल पा रही। इसका सबसे अधिक असर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों, नए यात्रियों तथा आपातकालीन सेवाओं के वाहनों पर पड़ सकता है, जो इन संकेतकों पर निर्भर रहते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब दिशा सूचक और यातायात बोर्ड ही दिखाई नहीं देंगे तो उन्हें लगाने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। विशेषकर मानसून के दौरान, जब बारिश और खराब मौसम के कारण पहले से ही दृश्यता कम होती है, ऐसे में पेड़ों से ढके संकेतक सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था का खतरा और बढ़ा देते हैं।
फेज-2, मोहाली के निवासी एवं भाजपा नेता अतुल शर्मा ने कहा कि नगर निगम को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “दिशा सूचक बोर्ड वाहन चालकों को सही मार्ग दिखाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए लगाए जाते हैं। यदि वे पेड़ों की शाखाओं से ढक जाएं तो उनका कोई महत्व नहीं रह जाता और इससे भ्रम व दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। नगर निगम को पूरे शहर का सर्वे कर सभी बाधक शाखाओं की छंटाई करानी चाहिए, ताकि प्रत्येक ट्रैफिक और दिशा सूचक बोर्ड वर्षभर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।”
निवासियों ने नगर निगम मोहाली और बागवानी विभाग से विशेष अभियान चलाकर प्रमुख चौराहों, गोलचक्करों और मुख्य मार्गों पर पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने की भी अपील की है, ताकि ट्रैफिक साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, सड़क नाम पट्टिकाएं और दिशा सूचक संकेतक किसी भी प्रकार की रुकावट से मुक्त रहें।
शहरवासियों का मानना है कि सड़क संकेतकों की स्पष्ट दृश्यता बनाए रखना नगर निगम की बुनियादी जिम्मेदारी है और सड़क सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय दुर्घटना या लोगों को होने वाली असुविधा से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

