₹3 करोड़ की धोखाधड़ी में डेवलपर्स के खिलाफ FIR, आयकर जांच का आदेश
₹3 करोड़ की धोखाधड़ी में डेवलपर्स के खिलाफ FIR, आयकर जांच का आदेश

मोहाली
पूर्व भारतीय सेना के कप्तान और लुधियाना के दंत चिकित्सक डॉ. जगदीश सॉफ्ट की शिकायत पर जेल में बंद रियल एस्टेट कंपनी के एमडी जर्नैल सिंह बाजवा और उनके बेटे सुकदेव बाजवा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला लगभग ₹3 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। कोर्ट ने आयकर विभाग को उनके आय विवरण की जानकारी देने का निर्देश भी दिया है।
मुख्य विवरण:
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फर्जी मंजूरी और ब्लूप्रिंट: 2011 में डॉ. सॉफ्ट ने अपने पोते के नाम पर सनी एन्क्लेव के प्लेटिनम मार्केट में दो शोरूम यूनिट खरीदने के लिए ₹3.16 करोड़ का निवेश किया। आरोप है कि डेवलपर्स और प्रॉपर्टी एजेंटों ने उन्हें फर्जी ब्लूप्रिंट, गलत मंजूरी और झूठी जानकारी देकर समझौता करने पर मजबूर किया।
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अधिक मूल्य वसूली और पंजीकरण नहीं: सौदा ₹2 करोड़ में तय हुआ था, जो 2011 में नकद भुगतान किया गया। बाद में डेवलपर्स ने कीमत बढ़ने का हवाला देकर ₹1 करोड़ से अधिक नकद अतिरिक्त वसूल किया, बावजूद इसके संपत्ति कभी पंजीकृत नहीं हुई। साइट पर जाने पर डॉ. सॉफ्ट को पता चला कि शोरूम नक्शों पर मौजूद नहीं थे और जमीन बैंक में बंधक थी।
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जीवन को खतरा: जब डॉ. सॉफ्ट ने जवाब मांगा, तो उन्हें मारने की धमकी दी गई और बताया गया कि आरोपी राजनीतिक और पुलिस संरक्षण में हैं।
कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया: खारड़ की JMIC पीसीएस श्वेता दास ने जर्नैल बाजवा और सुकदेव बाजवा के खिलाफ IPC की धारा 420, 120-B और 506 के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आयकर विभाग को भी बड़े नकद लेनदेन की जांच करने का निर्देश दिया।
यह कार्रवाई पुलिस की शिकायतों पर अनदेखी के बाद कोर्ट के आदेश के तहत हुई है।