एडीजीपी आत्महत्या मामला: SIT ने 25 लोगों के बयान दर्ज किए, नोट में नामित अधिकारियों को अभी तक कोई नोटिस नहीं
एडीजीपी आत्महत्या मामला: SIT ने 25 लोगों के बयान दर्ज किए, नोट में नामित अधिकारियों को अभी तक कोई नोटिस नहीं

चंडीगढ़
हरियाणा के एडीजीपी वाई. पूरण कुमार की आत्महत्या की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक 25 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें रोहतक के कई पुलिस अधिकारी, मृतक अधिकारी के करीबी दोस्त, एक वकील और अन्य परिचित शामिल हैं।
हालांकि, आठ पन्नों के आत्महत्या पत्र में 15 अधिकारियों का नाम आने के बावजूद SIT ने अभी तक किसी को तलब नहीं किया और न ही किसी को नोटिस जारी किया है।
SIT का बयान:
वरिष्ठ SIT अधिकारी के अनुसार, आत्महत्या पत्र में नामित अधिकारियों को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। मृतक अधिकारी ने इन 15 में से 11 अधिकारियों के खिलाफ गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
संबंधित स्टाफ और अधिकारियों के बयान भी दर्ज:
SIT ने पूरण कुमार की तैनाती से जुड़े स्टाफ, चल रहे मामलों से जुड़े अधिकारी और उनके काम से जुड़े अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। टीम ने रोहतक जेल का दौरा कर एडीजीपी के गनमैन सुशील से भी पूछताछ की, जो 26 दिन रोहतक जेल में रहकर अब अंबाला जेल शिफ्ट किए गए हैं।
गनमैन पर FIR की जांच:
SIT रोहतक में दर्ज FIR की भी जांच कर रही है, जिसमें गनमैन सुशील पर शराब व्यापारी प्रवीण बंसल से 2.5 लाख रुपये महीने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। सुशील को 6 अक्टूबर की रात गिरफ्तार किया गया था।
इसके अगले दिन, 7 अक्टूबर को एडीजीपी वाई. पूरण कुमार ने चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने निवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
SIT यह भी जांच कर रही है कि क्या रोहतक FIR ने एडीजीपी के इस कदम पर प्रभाव डाला।