प्रेम और भक्ति से अर्पित वस्तु ही भगवान को प्रिय होती है: स्वामी धन्वंतरि दास जी
श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, प्रमुख हस्तियों ने टेका माथा, मंदिर कमेटी के सदस्यों को किया सम्मानित

मोहाली :
फेज-4 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। विभिन्न धार्मिक संगठनों से जुड़ी प्रमुख हस्तियां और गणमान्य व्यक्ति भी कथा स्थल पर पहुंचकर माथा टेक रहे हैं और स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावन से पहुंचे स्वामी धन्वंतरि दास जी ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं और आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को निहाल किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व और महिमा पर भी प्रकाश डाला।
स्वामी धन्वंतरि दास जी ने कहा कि भगवान को हर भौतिक वस्तु प्रिय नहीं होती, बल्कि प्रेम, भक्ति और शुद्ध हृदय से अर्पित की गई वस्तु ही उन्हें विशेष प्रिय होती है। कथा के दौरान उन्होंने महाभारत के विभिन्न प्रसंग सुनाते हुए धर्म-अधर्म के अंतर तथा मां की शक्ति और ममता का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के चरणों से जुड़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर भाजपा पंजाब के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा और भाजपा जिला मोहाली अध्यक्ष संजीव वशिष्ठ भी कथा स्थल पर पहुंचे और माथा टेककर स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने स्वामी धन्वंतरि दास जी को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया।
कथा के चौथे दिन मंदिर कमेटी की महिला पदाधिकारियों ने मुख्य यजमान के रूप में सेवा निभाई। महाप्रसाद वितरण से लेकर निरंतर चल रहे लंगर तक, महिलाओं ने अन्य सेवादारों के साथ मिलकर पूरी निष्ठा और समर्पण से सेवा की।
मंदिर के मुख्य पुजारी लक्की शर्मा सहित अन्य पुजारियों तथा मंदिर कमेटी के प्रधान देश राज गुप्ता, सह-उपप्रधान राज कुमार कालिया, उपप्रधान सतीश कुमार, महासचिव राज कुमार शर्मा, कैशियर राकेश कुमार गुप्ता, अंशुल बंसल और संजीव शर्मा उर्फ बॉबी सहित अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम में सहयोग दिया।
महिला विंग की ओर से प्रधान दिनेश चंदन, इंद्रा रानी, पुष्पा शर्मा, राजकुमारी, शशि, नीलम और अर्चना सहित अन्य सदस्यों ने भी धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चौथे दिन महाआरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। पूरा कथा पंडाल ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर प्रतिदिन विभिन्न प्रकार का महाप्रसाद वितरित किया जाता है। इसके साथ ही निरंतर लंगर की व्यवस्था भी की गई है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
