8–10 घंटे की बिजली कटौती से उद्योग प्रभावित, MIA ने सरकार पर उठाए सवाल
25 दिनों से जारी बिजली संकट, उत्पादन में करीब 50 फीसदी गिरावट का दावा; MIA ने PSPCL को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

मोहाली:
मोहाली के उद्योगपतियों ने लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती को लेकर कड़ा रोष जताया है। औद्योगिक संगठनों का आरोप है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (MIA) के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, महासचिव राकेश विग और पूर्व अध्यक्ष एच.एस. बिल्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मोहाली में पिछले करीब 25 दिनों से अघोषित बिजली कटौती जारी है। विशेष रूप से रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है।
MIA के अनुसार, मोहाली जिले में करीब 600 माइक्रो, स्मॉल, मीडियम और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि प्रतिदिन करीब 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती होने से औद्योगिक उत्पादन में लगभग 50 फीसदी तक कमी आई है। इससे तैयार माल की समय पर डिलीवरी प्रभावित हो रही है, जबकि मशीनरी और श्रमिकों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
उद्योगपतियों ने सरकार के उस प्रयास पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत पंजाब में नए निवेश को आकर्षित करने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि जब मौजूदा उद्योगों को ही निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, तो नए निवेशकों को पंजाब में कारोबार स्थापित करने के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जाएगा।
MIA पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो निवेशक और कारोबारी बेहतर बुनियादी ढांचे तथा सुविधाएं देने वाले पड़ोसी राज्यों का रुख कर सकते हैं।
MIA की टास्क फोर्स ने PSPCL को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए बिजली आपूर्ति में सुधार करने और अघोषित कटौती बंद करने की मांग की है। उद्योगपतियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी औद्योगिक इकाइयों को बंद करने या कारोबार को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित करने जैसे कठोर कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।