
मोहाली:
नगर निगम मोहाली के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने पंजाब सरकार और संबंधित विभागों को कानूनी नोटिस जारी कर समगौली में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना को समयबद्ध तरीके से चालू करने की मांग की है।
अधिवक्ताओं रंजीवन सिंह, रिशम राग सिंह और कनिका तूर के माध्यम से जारी नोटिस में मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बनी ठोस कचरा प्रबंधन की समस्या का हवाला देते हुए परियोजना के वैज्ञानिक तरीके से विकास और संचालन की मांग की गई है।
नोटिस के अनुसार, डेरा बस्सी तहसील के समगौली में इस सुविधा के लिए करीब 50 एकड़ भूमि निर्धारित की गई थी। बेदी ने आरोप लगाया है कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परियोजना का पूरी तरह विकास नहीं हुआ और न ही इसे चालू किया गया।
नोटिस में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के 13 जनवरी 2015 के आदेश का भी उल्लेख किया गया है। बेदी के अनुसार, आदेश में प्लांट को जनवरी 2017 तक पूरा कर चालू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह समय-सीमा काफी पहले समाप्त हो चुकी है।
बेदी ने परियोजना में देरी से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए छह विभागों के अधिकारियों की टास्क फोर्स गठित करने की मांग की है। इसमें स्थानीय निकाय विभाग, आवास एवं शहरी विकास विभाग, नगर निगम मोहाली, GMADA, जिला प्रशासन और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को शामिल करने की मांग की गई है।
उन्होंने समगौली में एक वैज्ञानिक ठोस कचरा प्रसंस्करण सुविधा स्थापित करने की भी मांग की है, जो मोहाली, डेरा बस्सी, खरड़ और जीरकपुर से उत्पन्न होने वाले कचरे को संभाल सके।
नोटिस में 100 प्रतिशत स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, अलग-अलग डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण तथा ढके हुए वाहनों में कचरे के परिवहन की मांग की गई है। इसके अलावा बिना उपचारित या बिना अलग किए गए कचरे को खुले स्थानों, खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे, नालों और जल स्रोतों के आसपास फेंकने पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
बेदी ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर उचित कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वह सक्षम अदालत या अन्य उचित मंच के समक्ष कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।