पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने ‘नीड-बेस्ड पॉलिसी’ को लेकर आप सरकार पर साधा निशाना
कहा – छोटे मकान मालिकों, बूथ मालिकों और बे-शॉप मालिकों के साथ हुआ विश्वासघात

मोहाली :
पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने लंबे समय से लंबित पड़ी नीड-बेस्ड पॉलिसी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार अपने वादे को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
बेदी ने कहा कि सत्ता में आने से पहले आप ने नीड-बेस्ड पॉलिसी को तुरंत लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने संबंधित मंत्री के हालिया बयान को “हास्यास्पद” बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “अब जब सरकार का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, तब उन्हें यह मुद्दा याद आया है। मंत्री का जवाब हैरान करने वाला है। या तो जीएमएडीए अधिकारियों ने मामले को ठीक से समझे बिना जवाब तैयार किया है या फिर मंत्री स्वयं मोहाली की जमीनी हकीकत से अनभिज्ञ हैं।”
बेदी ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि सरकार का रुख यह बताया जा रहा है कि नीड-बेस्ड पॉलिसी नई सरकार बनने के बाद लागू की जाएगी। उन्होंने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि जब सरकार स्वयं सत्ता में है तो अपने कार्यकाल के दौरान यह वादा क्यों पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने बूथों और बे-शॉप्स के संबंध में सरकार की उस सलाह की भी आलोचना की, जिसमें मालिकों को अपनी इमारतों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए कहा गया है।
बेदी ने कहा, “दुकानदारों को केवल इमारत की ऊंचाई बढ़ाने की सलाह देना व्यावहारिक नहीं है। इसके लिए मौजूदा छत को तोड़ना पड़ेगा, जिससे कारोबार कई महीनों तक बंद रहेगा और मालिकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। यह फैसला बिना किसी तकनीकी सलाह और विशेषज्ञ राय के लिया गया प्रतीत होता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बूथ और बे-शॉप मालिकों को वास्तविक राहत देने के बजाय केवल झूठे आश्वासन दिए हैं। उन्होंने सरकार से उनकी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार कर लागू करने की मांग की।
बेदी ने कहा कि यदि अगली सरकार कांग्रेस की बनती है तो न केवल बूथों के विस्तार की अनुमति दी जाएगी, बल्कि बे-शॉप्स को सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और सर्विस लाइनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि नीड-बेस्ड पॉलिसी ही मोहाली का एकमात्र लंबित मुद्दा नहीं है। सेक्टर-70 के एमआईजी और सुपर एमआईजी फ्लैटों के निवासी भी लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
बेदी ने कहा, “समय की मांग है कि सरकार लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करे, ताकि छोटे मकानों में रहने वाले परिवारों और बूथों से अपना व्यवसाय चलाने वाले लोगों को राहत मिल सके।”
एकजुटता की अपील करते हुए उन्होंने बूथ मालिकों, बे-शॉप मालिकों और नीड-बेस्ड पॉलिसी से प्रभावित सभी लोगों से एक मंच पर आने का आह्वान किया। उन्होंने विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की, ताकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान इन लंबित मुद्दों का समाधान कराया जा सके।
बेदी ने कहा कि यह समस्या केवल बूथों और बे-शॉप्स तक सीमित नहीं है। छोटे फ्लैटों, चार मरला और छह मरला मकानों के मालिक भी इसी तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कई लोगों ने अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कमरे या स्टोर बनाए हैं, लेकिन अब उन्हें प्रशासन की ओर से नोटिस मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह किसी एक वर्ग की समस्या नहीं है। यह मोहाली के बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने वाला मुद्दा है। सरकार को अपने वादों का सम्मान करते हुए लोगों को बहुप्रतीक्षित राहत प्रदान करनी चाहिए।”