
मोहाली:
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने मंगलवार को मोहाली-चंडीगढ़ क्षेत्र में सात दिवसीय “पक्का मोर्चा” शुरू कर दिया। किसानों का यह प्रदर्शन 1 सितंबर से 7 सितंबर तक चलेगा। किसान संगठनों ने कृषि और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया है।
यह आंदोलन 32 किसान संगठनों के गठबंधन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में किया जा रहा है। किसानों की प्रमुख मांगों में सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार MSP लागू करना तथा पंजाब के पानी से जुड़े अधिकारों की रक्षा शामिल है।
कानूनी MSP गारंटी की मांग
किसान संगठनों की प्रमुख मांग सभी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी देने की है। किसानों का कहना है कि MSP का निर्धारण C2+50 फार्मूले के आधार पर किया जाना चाहिए, जिसके तहत किसानों को उत्पादन की व्यापक लागत से 50 प्रतिशत अधिक मूल्य सुनिश्चित किया जाता है।
किसान संगठनों का कहना है कि किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी रूप से लागू होने वाली MSP व्यवस्था जरूरी है।
पंजाब के पानी का मुद्दा भी प्रमुख
मोर्चे में पंजाब के नदी जल अधिकारों और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। किसान संगठनों ने पंजाब के जल हितों की रक्षा करने की मांग की है।
भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का विरोध
किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी चिंता जताई है। किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते का कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मोहाली में ट्रैफिक प्रतिबंध
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मोहाली और चंडीगढ़ से सटे इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक व्यवस्था के अनुसार IISER चौक से Bestech Mall, फेज-11 की ओर जाने वाली सड़क तथा आगे जगतपुरा और चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले मार्ग प्रभावित हुए हैं।
वहीं, फैदां बैरियर/पूर्व मार्ग की ओर से चंडीगढ़ जाने वाले ट्रैफिक को भी व्यवस्था के तहत डायवर्ट किया गया है।
प्रदर्शन सात दिनों तक जारी रहने के कारण मोहाली-चंडीगढ़ के बीच सफर करने वाले लोगों, विशेषकर पीक आवर्स में, जाम और देरी का सामना करना पड़ सकता है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने रूट की योजना बनाएं और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
SKM ने कहा है कि किसानों का यह मोर्चा 7 सितंबर तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र और पंजाब सरकार के समक्ष रखी गई मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती।
प्रदर्शन के चलते पूरे सप्ताह मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर और जगतपुरा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव बने रहने की संभावना है।
