
चंडीगढ़:
पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री रवजोत सिंह और ब्रिटेन के सांसद तथा ब्रिटिश संसद की रक्षा समिति के अध्यक्ष तनमनजीत सिंह धेसी ने चंडीगढ़ में मुलाकात कर पंजाबी प्रवासियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पंजाब के साथ हवाई संपर्क, निवेश, एनआरआई की संपत्तियों की सुरक्षा और अन्य मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य परमजीत सिंह रायपुर भी इस दौरान मौजूद रहे।
बैठक में श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चंडीगढ़ से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने तथा मौजूदा सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पंजाब को लंदन, बर्मिंघम और यूरोप के अन्य प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ने के साथ-साथ दोनों हवाई अड्डों पर बेहतर कार्गो सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
तनमनजीत सिंह धेसी ने कहा कि बेहतर हवाई और कार्गो कनेक्टिविटी पंजाब और विदेशों में बसे पंजाबी समुदाय के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे पंजाब के उद्योग, कृषि, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रवासी पंजाबियों द्वारा राज्य में निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में विदेशों में बसे पंजाबियों से जुड़े भूमि और संपत्ति विवादों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। धेसी ने ऐसे मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने और प्रभावी व्यवस्था बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि एनआरआई को बार-बार पंजाब आने या लंबी न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने संपत्ति धोखाधड़ी, साइबर अपराध और विदेशों में रह रहे पंजाबियों से जुड़े अन्य मामलों की शिकायतों के त्वरित समाधान की भी मांग की।
उन्होंने विदेशों में बसे पंजाबी कारोबारियों, उद्योगपतियों और खेल प्रमोटरों को मिल रही धमकियों तथा जबरन वसूली की मांगों पर भी चिंता जताई। धेसी ने कहा कि विदेशों में रह रहे पंजाबियों की सुरक्षा और उनके व्यावसायिक हितों की रक्षा से जुड़े मामलों को केंद्र सरकार तथा संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष उठाया जाना चाहिए।
बैठक में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने तथा श्रद्धालुओं की सुचारू और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि इन मुद्दों का प्रभावी समाधान पंजाब और दुनियाभर में बसे पंजाबियों के बीच आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण होगा।
एनआरआई मामलों के मंत्री रवजोत सिंह ने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार विदेशों में बसे पंजाबियों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेती रहेगी और संबंधित मामलों को उचित स्तर पर उठाकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।