अंब साहिब कॉलोनी में नशे का कहर, परिवारों ने सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
अंब साहिब कॉलोनी में नशे का कहर, परिवारों ने सरकार से की तत्काल कार्रवाई की मांग
मोहाली :
फेज-11 के निकट स्थित अंब साहिब कॉलोनी में बढ़ते नशे के संकट की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। स्थानीय परिवारों का आरोप है कि नशे की लत ने उनके घर तबाह कर दिए हैं। कई युवाओं की जान जा चुकी है, जबकि माता-पिता, भाई-बहन और छोटे बच्चे गहरे सदमे और दुख में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
बुधवार को मोहाली के पूर्व मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कॉलोनी का दौरा कर उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने कथित तौर पर अपने प्रियजनों को नशे के कारण खो दिया है। इस दौरान कई माताएं, बहनें और अन्य परिजन अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और दिहाड़ीदार परिवार रहते हैं, वहां युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। परिवारों का आरोप है कि नशे के आदी युवक अक्सर घरवालों से पैसे मांगते हैं और पैसे न मिलने पर घरेलू सामान तोड़फोड़ करते हैं तथा कीमती वस्तुएं बेच देते हैं। कई परिवारों ने कहा कि भय और बेबसी उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं और इनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकियां दी जाती हैं। लोगों का दावा है कि लगभग हर दिन किसी न किसी युवा की जान नशे के कारण जा रही है।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने पंजाब सरकार के “नशा मुक्त पंजाब” के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंब साहिब कॉलोनी की स्थिति जमीनी हकीकत को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही युवाओं की मौतें इस बात का संकेत हैं कि नशा तस्करों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
पूर्व मेयर ने दो ऐसे युवाओं से भी बातचीत की, जिन्होंने स्वयं को नशे का आदी बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित युवाओं को एकत्र कर सेक्टर-66 स्थित नशा मुक्ति केंद्र में उपचार और पुनर्वास के लिए भेजने का प्रयास किया जाएगा।
जीती सिद्धू ने नशे के कारण अपने बच्चों को खो चुके परिवारों को सरकारी मुआवजा देने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की। उन्होंने प्रशासन से व्यापक नशा विरोधी अभियान चलाने और नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की।
दौरे के दौरान कई मार्मिक घटनाएं सामने आईं। एक महिला ने बताया कि उसने अपने दोनों बेटों को नशे के कारण खो दिया, जबकि दूसरी महिला ने कहा कि उसके बेटे की मौत के बाद उसके छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। एक पिता, जिसने हाल ही में अपने 27 वर्षीय बेटे का अंतिम संस्कार किया, ने दावा किया कि कॉलोनी के लगभग 50 प्रतिशत युवा किसी न किसी रूप में नशे की चपेट में हैं।
पूर्व मेयर ने चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय निवासी सड़क जाम आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नशे के शिकार युवाओं को नया जीवन देने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।
परिवारों के अनुसार नशे से जुड़ी कथित मौतें
पीड़ित परिवारों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, निम्नलिखित युवाओं की नशे की लत के कारण कथित तौर पर मृत्यु हुई:
- भूरा – 11 जुलाई 2026
- रवि – 17 जुलाई 2026
- गांजा – 21 जुलाई 2026
- राजिंदर – 24 जुलाई 2026
- राजेश – 29 जुलाई 2026
स्थानीय निवासियों ने नशे के शिकार युवाओं के पुनर्वास, प्रभावित परिवारों की सहायता और अवैध नशा कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
