
मोहाली:
मोहाली नगर निगम (MC) और जिला प्रशासन शहर भर में सड़क नालियों की बिगड़ती स्थिति को लेकर निवासियों की तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं। कई गलियाँ पूरी तरह खुली हैं या उनके ढक्कन टूटे हुए हैं, जो पैदल यात्रियों और वाहन चालकों दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर रही हैं।
SAD नेता परमजीत सिंह खालों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बुनियादी नागरिक ढांचे के रखरखाव में लापरवाही बरती है, और यह किसी भी समय घातक दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा, “यह एक आपदा होने का इंतजार कर रही है।”
अधिवक्ता मोहित शुक्ला ने कहा, “ये खुले मैनहोल और टूटे गली के ढक्कन मौत का जाल हैं, खासकर बारिश के मौसम में।” मानसून के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव आम दृश्य बन गया है। इंद्रजीत सिंह खोखर ने बताया, “लोग इन खुली नालियों में गिर चुके हैं और कुछ मामलों में वाहन फँस गए या क्षतिग्रस्त हो गए। यह बेहद खतरनाक है।”
निवासियों की परेशानी में यह भी शामिल है कि कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें ठीक से काम नहीं कर रही हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पैदल यात्री इन खतरों को समय पर पहचान नहीं पाते, जिससे गंभीर चोटों का खतरा बढ़ जाता है।
BJP नेता रमन शैली और ताहिल शर्मा ने सभी से अपील की है कि सोशल मीडिया अभियान शुरू करें, स्थानीय नेताओं को टैग करें और #FixMohaliGullies तथा #SafeStreetsNow जैसे हैशटैग का इस्तेमाल कर जागरूकता बढ़ाएँ और तत्काल कार्रवाई की मांग करें।
जैसे-जैसे जनता का आक्रोश बढ़ रहा है, अब कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम और जिला प्रशासन की है। जनता उम्मीद कर रही है कि किसी और हादसे से पहले इन समस्याग्रस्त सड़क गलियों की मरम्मत और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। लेकिन किसे परवाह है???