टूटी मैनहोल कवर और जाम सीवर लाइनें बनीं औद्योगिक क्षेत्र फेज-7 की बड़ी समस्या, लेकिन परवाह किसे है?
टूटी मैनहोल कवर और जाम सीवर लाइनें बनीं औद्योगिक क्षेत्र फेज-7 की बड़ी समस्या, लेकिन परवाह किसे है?

मोहाली:
औद्योगिक क्षेत्र फेज-7 में लंबे समय से बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में मैनहोल के ढक्कन टूटे या क्षतिग्रस्त पड़े हैं, जिससे औद्योगिक कर्मचारियों, राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
शाम के समय या कम रोशनी में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। खुले या आधे ढके मैनहोल किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि टूटे हुए ढक्कनों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
वहीं, फेज-7 में जाम सीवर लाइनें भी एक स्थायी समस्या बन चुकी हैं। सीवर बार-बार जाम होने से गंदे पानी की निकासी प्रभावित होती है और क्षेत्र में दुर्गंध, जलभराव तथा गंदगी की स्थिति पैदा हो जाती है। बरसात के दौरान समस्या और गंभीर होने की आशंका बनी रहती है।
औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों और कर्मचारियों ने नगर निगम से मांग की है कि फेज-7 के सभी मैनहोल और सीवर लाइनों का व्यापक निरीक्षण करवाया जाए। टूटे ढक्कनों को तुरंत बदला जाए तथा सीवर नेटवर्क की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र मोहाली का एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारोबारी और वाहन आते-जाते हैं। ऐसे क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।
लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे या गंभीर स्वास्थ्य संकट का इंतजार क्यों कर रहा है? टूटे मैनहोल कब ठीक होंगे और बार-बार जाम होने वाली सीवर लाइनों का स्थायी समाधान कब होगा?
लेकिन सवाल यही है—आखिर इसकी परवाह किसे है???
