
चंडीगढ़ :
दुनिया के लगभग 30 देशों में सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली ग्लोबल सिख काउंसिल (GSC) ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को एक औपचारिक अपील भेजकर पंजाब के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात को देखते हुए सिख पंथ की एकता के लिए नेतृत्व संभालने का आग्रह किया है।
हाल ही में हुई जीएससी की कार्यकारी समिति की बैठक में पारित इस प्रस्ताव में सिख सिद्धांत ‘मीरी-पीरी’ तथा ‘गुरु ग्रंथ-गुरु पंथ’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि संकट के समय श्री अकाल तख्त साहिब ने हमेशा पंथ को दिशा देने की भूमिका निभाई है।
काउंसिल ने कहा कि पंजाब में अकाली राजनीति के लगातार विभाजन के कारण सिख पंथ प्रभावी राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित हो गया है। वर्तमान में अकाली दल नाम से 11 पंजीकृत राजनीतिक दल मौजूद हैं, जबकि 2022 के विधानसभा चुनावों में केवल शिरोमणि अकाली दल (बादल) ही तीन सीटें जीत सका था।
जीएससी ने जत्थेदार से अपील की है कि वे शिरोमणि अकाली दल (बादल), एसएडी पुनर-सुरजीत, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) सहित सभी अकाली गुटों को एक मंच पर लाने के लिए आदेश जारी करें, ताकि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़े जा सकें।
काउंसिल ने सुझाव दिया कि यदि नेतृत्व को लेकर सहमति नहीं बनती तो पांच सदस्यीय प्रेसिडियम (अध्यक्षीय समिति) बनाई जाए या किसी सम्मानित गैर-राजनीतिक पेशेवर व्यक्ति को गठबंधन का नेतृत्व सौंपा जाए।
इसके अलावा, काउंसिल ने दलित और अन्य सिख राजनीतिक संगठनों को भी इस एकता अभियान में शामिल करने की वकालत की है। जीएससी ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए वरिष्ठ वकीलों की समिति गठित करने और पंजाब के मूल निवासियों के हितों की रक्षा के लिए कुछ कानूनी प्रावधानों पर भी विचार करने की मांग की है।
ग्लोबल सिख काउंसिल ने विश्वभर की सिख संस्थाओं और पंजाब के हितों के लिए कार्यरत संगठनों से भी इस अपील का समर्थन करने का आह्वान किया है। काउंसिल ने जत्थेदार के मार्गदर्शन की प्रतीक्षा जताते हुए पंथक एकता बहाल करने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है।