बंदरगाह सुरक्षा मजबूत करने के लिए CISF को मिला RSO का दर्जा
बंदरगाह सुरक्षा मजबूत करने के लिए CISF को मिला RSO का दर्जा

नई दिल्ली
सरकार ने भारत की बंदरगाह सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) को इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी (ISPS) कोड के तहत Recognized Security Organization (RSO) का दर्जा प्रदान किया है। यह कदम देश में पोर्ट-आधारित विकास और ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CISF और DG शिपिंग की संयुक्त समिति द्वारा किए गए अध्ययन के बाद, CISF अब सभी EXIM पोर्ट्स के लिए पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी असेसमेंट (PFSA) करेगी और उनके सुरक्षा प्लान तैयार करेगी। इससे खासतौर पर छोटे बंदरगाहों में मौजूद सुरक्षा कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने एक हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है, जिसमें मुख्य सुरक्षा दायित्व CISF संभालेगी, जबकि गेट कंट्रोल, ट्रैफिक प्रबंधन जैसे गैर-कोर कार्य राज्य पुलिस, स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (SISF) या निजी सुरक्षा एजेंसियों को दिए जा सकेंगे।
निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण CISF विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा। इसका पायलट प्रशिक्षण पहले ही जेएनपीए (मुंबई) और सीएचपीए (चेन्नई) में पूरा किया जा चुका है। सुरक्षा प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन को मानकीकृत करने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।
इन उपायों से बंदरगाहों को अधिक सुरक्षित, कुशल और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे और देश की ब्लू इकॉनमी को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा।