खेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशधर्मपंजाबमनोरंजनमहाराष्ट्रमुंबईयुवायूपीराजनीतिराजस्थानराज्यराष्ट्रीयलोकल न्यूज़शिक्षाहेल्थ

₹15,000 करोड़ का कर्ज लेने से पहले खाली पड़ी जमीन से राजस्व जुटाए GMADA: पार्षद कुलदीप कौर धनोआ

नई जमीन खरीदने से बिचौलियों को मिलता है करोड़ों रुपये का कमीशन: धनोआ

मोहाली:

ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) द्वारा करीब ₹15,000 करोड़ का कर्ज लेने की प्रस्तावित योजना पर सवाल उठाते हुए पार्षद कुलदीप कौर धनोआ ने कहा है कि नया कर्ज लेने से पहले GMADA को दशकों से खाली पड़ी अपनी जमीन और साइटों से राजस्व जुटाना चाहिए।

पार्षद धनोआ ने कहा कि सेक्टर-69 में ही GMADA की करीब 50 एकड़ जमीन लगभग 40 वर्षों से खाली पड़ी है। इस जमीन पर अक्सर कूड़ा-कचरा जमा रहता है। यदि इस जमीन को योजनाबद्ध तरीके से विकसित या नीलाम किया जाए तो सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल सेक्टर-69 तक सीमित नहीं है। मोहाली शहर के विभिन्न हिस्सों में कई बड़े प्लॉट और साइटें दशकों से खाली पड़ी हैं। विशेष रूप से इंडस्ट्रियल एरिया में कई ऐसे प्लॉट हैं, जिनका आवंटन होने के बावजूद लंबे समय से उचित उपयोग नहीं हुआ है।

धनोआ ने कहा, “नया कर्ज लेने की बात करने से पहले GMADA को पहले से अधिग्रहित जमीन से राजस्व पैदा करना चाहिए। जनता पर अतिरिक्त कर्ज का बोझ डालने के बजाय प्राधिकरण को अपनी मौजूदा संपत्तियों का बेहतर उपयोग करना चाहिए।”

उन्होंने मांग की कि लंबे समय से खाली पड़े उन प्लॉटों और साइटों की जांच की जाए, जहां आवंटन की शर्तों का उल्लंघन हुआ है। नियमानुसार कार्रवाई के बाद ऐसे प्लॉटों को वापस लेकर दोबारा नीलाम किया जा सकता है या जरूरत के अनुसार पात्र व्यक्तियों एवं संस्थानों को आवंटित किया जा सकता है।

धनोआ ने कहा कि लंबे समय से खाली पड़ी कई साइटें कूड़ा डंप करने की जगह बन गई हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन संपत्तियों का उचित उपयोग करने से एक तरफ समस्या का समाधान होगा और दूसरी तरफ सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि GMADA को जमीन के प्रबंधन और विकास को लेकर अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना चाहिए। मौजूदा जमीन और संपत्तियों का उचित उपयोग करके शहरी विकास परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में राजस्व जुटाया जा सकता है और अनावश्यक कर्ज लेने से बचा जा सकता है।

पहले से अधिग्रहित जमीन का हो उपयोग: सतवीर सिंह धनोआ

प्रमुख समाजसेवी सतवीर सिंह धनोआ ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि नई जमीन खरीदने के बजाय GMADA को पहले से अधिग्रहित जमीन, विशेषकर इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़े प्लॉटों का उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मौजूदा खाली औद्योगिक प्लॉटों को विकसित करने से न केवल नई जमीन खरीदने की जरूरत कम होगी, बल्कि कृषि भूमि को बचाने और खाली प्लॉटों पर नई इंडस्ट्री स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

सतवीर सिंह धनोआ ने कहा कि इस कदम से सरकार के करोड़ों रुपये की बचत हो सकती है और सार्वजनिक संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि GMADA ने लंबे समय से खाली पड़ी साइटों की नीलामी, विकास और उपयोग को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की तो इस मुद्दे को जनता की अदालत में उठाया जाएगा।

कुलदीप कौर धनोआ
पार्षद, वार्ड नंबर 13, मोहाली

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!